




|






| Edition | Testament | Book | Chapter | |
| Indian Revised Version(HI) | Old Testament | Psalms | 1 | ![]() |

1क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो दुष्टों की योजना पर नहीं चलता,

2परन्तु वह तो यहोवा की व्यवस्था से प्रसन्न रहता;

3वह उस वृक्ष के समान है, जो बहती पानी की धाराओं के किनारे लगाया गया है

4दुष्ट लोग ऐसे नहीं होते,

5इस कारण दुष्ट लोग अदालत में स्थिर न रह सकेंगे,

6क्योंकि यहोवा धर्मियों का मार्ग जानता है,


| Version | Name | Copyright | Permissions | LanguageID | Language |
|---|---|---|---|---|---|
| Indian Revised Version | 0 |